पावर ट्रांसमिशन और डिस्ट्रीब्यूशन में इस्तेमाल होने वाले केबल और कंडक्टर बनाने वाली एक माइक्रो-कैप कंपनी के शेयर आज फोकस में रहे। वजह है ऐसा वर्क ऑर्डर, जिसकी वैल्यू कंपनी के पूरे मार्केट कैप से भी ज्यादा है। इस खबर के बाद निवेशकों की दिलचस्पी बढ़ी और स्टॉक में तेज़ उछाल देखने को मिला।

करीब ₹460 करोड़ के मार्केट कैप वाली JD Cables Ltd के शेयर इंट्राडे में ₹218 तक पहुंच गए, जो पिछले क्लोज़ ₹199.5 से लगभग 9 प्रतिशत ऊपर है। इतनी तेज़ मूवमेंट का सीधा कारण कंपनी का हालिया ऑर्डर जीतना माना जा रहा है।
क्या है पूरी खबर
JD Cables ने एक्सचेंज को जानकारी दी है कि उसे Kaushal Engineering Limited से ₹243.9 करोड़ का वर्क ऑर्डर मिला है। यह ऑर्डर झारखंड में एक नेशनल हाईवे प्रोजेक्ट से जुड़े कंस्ट्रक्शन और इलेक्ट्रिकल वर्क्स के लिए है।
इस प्रोजेक्ट के तहत कंपनी को Chauparan Flyover, Barkatha Flyover, Railway Over Bridges और NH-2 (National Highway-2) के छह-लेनिंग प्रोजेक्ट से जुड़े बैलेंस वर्क्स पूरे करने हैं। यह सेक्शन बिहार-झारखंड बॉर्डर पर Chordaha से Gorhar तक, Km 249.5 से Km 320.8 के बीच फैला हुआ है।
यह प्रोजेक्ट NHDP Phase-V के अंतर्गत आता है और कंपनी को इसे वर्क कॉन्ट्रैक्ट की तारीख से 1 साल के भीतर पूरा करना होगा।
ऑर्डर क्यों है इतना अहम
इस ऑर्डर की सबसे बड़ी बात यह है कि इसकी वैल्यू JD Cables के मौजूदा मार्केट कैप से भी ज्यादा है। आमतौर पर माइक्रो-कैप कंपनियों के लिए इतना बड़ा ऑर्डर बिज़नेस विज़िबिलिटी और स्केल-अप के लिहाज़ से अहम माना जाता है।
नेशनल हाईवे से जुड़ा प्रोजेक्ट होने के कारण यह ऑर्डर कंपनी को न सिर्फ रेवेन्यू सपोर्ट देता है, बल्कि इंफ्रास्ट्रक्चर सेगमेंट में उसकी क्रेडिबिलिटी भी बढ़ाता है, जो आगे और सरकारी या बड़े EPC ऑर्डर्स के रास्ते खोल सकता है।
कंपनी का बिज़नेस प्रोफाइल
JD Cables Limited पावर ट्रांसमिशन और डिस्ट्रीब्यूशन नेटवर्क के लिए वाइड रेंज के वायर और केबल बनाती है। इसके प्रोडक्ट पोर्टफोलियो में पावर केबल्स, कंट्रोल केबल्स, एरियल बंच्ड केबल्स और एल्युमिनियम कंडक्टर्स शामिल हैं।
कंपनी कई स्टेट इलेक्ट्रिसिटी बोर्ड्स की अप्रूव्ड वेंडर है और असम, ओडिशा, झारखंड, बिहार, मणिपुर, त्रिपुरा, अरुणाचल प्रदेश और मध्य प्रदेश सहित 12 से ज्यादा राज्यों में इसकी मजबूत सप्लाई मौजूदगी है।
सितंबर 2025 तक कंपनी ने Dankuni में एक नई इंडस्ट्रियल फैसिलिटी भी हासिल की है, ताकि मैन्युफैक्चरिंग कैपेसिटी को और बढ़ाया जा सके।
मैन्युफैक्चरिंग और रेवेन्यू मिक्स
| पैरामीटर | विवरण |
|---|---|
| मैन्युफैक्चरिंग यूनिट्स | 2 |
| Unit-I क्षमता | 6,000 Kms |
| Unit-II क्षमता | 22,000 Kms |
| केबल & वायर रेवेन्यू | 80.68% |
| एल्युमिनियम कंडक्टर्स | 19.31% |
| कुल ऑर्डर बुक (Sep 2025) | ₹286 करोड़ |
फाइनेंशियल परफॉर्मेंस एक नज़र में
| अवधि | रेवेन्यू | ऑपरेटिंग प्रॉफिट | नेट प्रॉफिट |
|---|---|---|---|
| YoY बदलाव | ₹107 Cr → ₹121 Cr (+13%) | ₹15 Cr → ₹19 Cr (+26.6%) | ₹10 Cr → ₹12 Cr (+20%) |
| H1 तुलना | ₹143 Cr → ₹121 Cr (-15%) | ₹19 Cr (स्थिर) | ₹12 Cr (स्थिर) |
YoY आधार पर कंपनी ने ग्रोथ दिखाई है, जबकि हाफ-ईयरली आधार पर रेवेन्यू में कुछ दबाव नजर आता है। हालांकि मुनाफे में स्थिरता यह दिखाती है कि लागत नियंत्रण पर कंपनी की पकड़ बनी हुई है।
निष्कर्ष
₹243.9 करोड़ का यह वर्क ऑर्डर JD Cables के लिए गेम-चेंजर साबित हो सकता है, क्योंकि इसकी वैल्यू कंपनी के मार्केट कैप से भी बड़ी है। इंफ्रास्ट्रक्चर और हाईवे प्रोजेक्ट से जुड़ा यह ऑर्डर न केवल रेवेन्यू विज़िबिलिटी बढ़ाता है, बल्कि माइक्रो-कैप सेगमेंट में कंपनी की पोज़िशन को भी मजबूत करता है। आगे आने वाले क्वार्टर्स में इस ऑर्डर के एग्ज़ीक्यूशन और ऑर्डर बुक मूवमेंट पर निवेशकों की नज़र बनी रहेगी।
Disclaimer: ऊपर दिए गए विचार और सिफारिशें व्यक्तिगत विश्लेषकों या ब्रोकिंग कंपनियों की हैं, न कि "Finance Solo" की। याद रखें: यह जानकारी केवल शैक्षिक उद्देश्यों के लिए है, स्टॉक मार्केट जुआ नहीं, सही जानकारी और धैर्य से ही कमाई होती है| हमेशा खुद की रिसर्च करें य एक्सपर्ट की सलाह लें!








