Suzlon Energy Limited के शेयर गिरें, पर फंडामेंटल्स अब भी मजबूत, क्या करना सही?

By Sumit Patel

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रिन्यूएबल एनर्जी सेक्टर की जानी-मानी कंपनी Suzlon Energy के शेयर हाल के महीनों में करेक्शन के दौर से गुजर रहे हैं। शॉर्ट टर्म में शेयरों पर दबाव दिख रहा है, जबकि लॉन्ग टर्म में कंपनी के बिज़नेस फंडामेंटल्स अब भी मजबूत बने हुए हैं। इसी वजह से यह स्टॉक निवेशकों की नजर में बना हुआ है।

शेयर प्राइस मूवमेंट का हाल

  • पिछले 6 महीनों में करीब 22% की गिरावट
  • 1 साल में लगभग 19% नीचे
  • मई 2025 में बने 52-वीक हाई ₹74.30 से करीब 30% करेक्शन
  • मौजूदा भाव लगभग ₹52.5 के आसपास

तकनीकी तौर पर स्टॉक फिलहाल 5-डे से लेकर 200-डे तक सभी प्रमुख मूविंग एवरेज से नीचे ट्रेड कर रहा है, जो शॉर्ट और मीडियम टर्म में कमजोरी दिखाता है।

टेक्निकल एनालिस्ट्स क्या कह रहे हैं

अलग-अलग ब्रोकरेज हाउसेज़ के टेक्निकल एक्सपर्ट्स के मुताबिक शेयर अभी करेक्शन-टू-कंसोलिडेशन फेज में है।

लेवलज़ोन
अहम सपोर्ट₹50 – ₹51
रेजिस्टेंस₹54 – ₹55
अगला ज़ोन (अगर ब्रेकआउट)₹58 – ₹60

ज्यादातर एनालिस्ट मानते हैं कि ₹50–₹55 की रेंज में स्टॉक कुछ समय तक बना रह सकता है, जब तक कोई साफ ट्रेंड सिग्नल न मिले।

फंडामेंटल्स की तस्वीर अलग

शेयर प्राइस में कमजोरी के बावजूद कंपनी के ऑपरेशनल नंबर्स काफ़ी मजबूत रहे हैं।

Q2 FY26 परफॉर्मेंस

  • नेट प्रॉफिट: ₹1,279 करोड़ (YoY +539%)
  • रेवेन्यू: ₹3,866 करोड़ (YoY +85%)
  • EBITDA: ₹716 करोड़ (YoY +153%)

यह ग्रोथ दिखाती है कि कंपनी की कोर बिज़नेस परफॉर्मेंस में तेज सुधार हुआ है।

ऑर्डर बुक से मिलती है मजबूती

Suzlon की ऑर्डर बुक:

  • FY25 के अंत में: 5.6 GW
  • दिसंबर 2025 में: 6.2 GW

यह बढ़ती ऑर्डर बुक कंपनी के भविष्य के रेवेन्यू विज़िबिलिटी को मजबूत करती है।

कंपनी क्या करती है

Suzlon Energy रिन्यूएबल एनर्जी सॉल्यूशंस की प्रोवाइडर है और:

  • विंड टर्बाइन मैन्युफैक्चरिंग
  • प्रोजेक्ट इंस्टॉलेशन और कमीशनिंग
  • लाइफ-साइकल एसेट मैनेजमेंट
  • सोलर और हाइब्रिड एनर्जी सॉल्यूशंस

जैसी सेवाओं में सक्रिय है।

निष्कर्ष

Suzlon Energy के शेयर शॉर्ट टर्म में दबाव में हैं, लेकिन मजबूत नतीजे और बढ़ती ऑर्डर बुक यह दिखाती है कि बिज़नेस लेवल पर कहानी अब भी मजबूत है। आने वाले समय में शेयर की दिशा काफी हद तक टेक्निकल ट्रेंड कन्फर्मेशन और रिन्यूएबल सेक्टर की ओवरऑल सेंटिमेंट पर निर्भर करेगी।

Disclaimer: ऊपर दिए गए विचार और सिफारिशें व्यक्तिगत विश्लेषकों या ब्रोकिंग कंपनियों की हैं, न कि "Finance Solo" की। याद रखें: यह जानकारी केवल शैक्षिक उद्देश्यों के लिए है, स्टॉक मार्केट जुआ नहीं, सही जानकारी और धैर्य से ही कमाई होती है| हमेशा खुद की रिसर्च करें य एक्सपर्ट की सलाह लें!

मेरा नाम सुमित पटेल है, मैं आर्टिकल राइटिंग के क्षेत्र में पिछले 2 सालों से कार्यरत हूं। शेयर मार्केट के साथ ही साथ मैं टेक, रोजगार और बिजनेस से जुड़ी जानकारी भी रखता हूं। अगर आपको मेरे द्वारा लिखे गए लेख पसंद आते हैं या फिर कोई त्रुटि नजर आती है, तो कमेंट करके हमें उसकी जानकारी जरूर दें। धन्यवाद!

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