फार्मा सेक्टर में आज फिर से CDMO स्टॉक्स चर्चा में रहे। वजह बनी एक बड़ा bulk deal, जिसके बाद इस स्टॉक में इंट्रा-डे में करीब 8% तक की तेजी देखने को मिली। निवेशकों की नजर खासतौर पर इस बात पर गई कि एक विदेशी निवेशक ने पूरी हिस्सेदारी बेची और उसकी जगह एक बड़ा घरेलू म्यूचुअल फंड सामने आया। सीधी बात करें तो बात हो रही है Akums Drugs and Pharmaceuticals Ltd की।

शेयर प्राइस में क्या हुआ
Bulk deal की खबर के बाद Akums Drugs के शेयर ₹458 तक पहुंच गए। कंपनी का मार्केट कैप करीब ₹7,208 करोड़ है। हालांकि शेयर पिछले क्लोज़ से लगभग 3.2% ऊपर ट्रेड कर रहा था, लेकिन इंट्रा-डे में इसमें और ज्यादा तेजी देखी गई, जिसने निवेशकों का ध्यान खींचा।
Bulk Deal की पूरी डिटेल
एक्सचेंज डेटा के मुताबिक, Ruby QC Investment Holdings Pte ने कंपनी में अपनी पूरी 4.62% हिस्सेदारी बेच दी। इस बिक्री में कुल 72.78 लाख शेयर शामिल थे, जिनकी कुल वैल्यू करीब ₹311.5 करोड़ रही।
इन शेयरों को ICICI Prudential Mutual Fund ने ₹428 प्रति शेयर की कीमत पर खरीदा। यह डील इस बात का संकेत मानी जा रही है कि घरेलू संस्थागत निवेशक कंपनी के लॉन्ग-टर्म बिज़नेस मॉडल पर भरोसा जता रहे हैं।
Bulk Deal एक नज़र में
| विवरण | जानकारी |
|---|---|
| बेचने वाला निवेशक | Ruby QC Investment Holdings |
| खरीदने वाला निवेशक | ICICI Prudential MF |
| शेयरों की संख्या | 72.78 लाख |
| हिस्सेदारी | 4.62% |
| डील वैल्यू | ₹311.5 करोड़ |
| औसत कीमत | ₹428 प्रति शेयर |
Q2FY26 के नतीजे क्या कहते हैं
अगर फाइनेंशियल परफॉर्मेंस देखें, तो हालिया तिमाही में कुछ दबाव नजर आता है।
Q2FY26 में:
- रेवेन्यू ₹1,018 करोड़ रहा, जो पिछले साल ₹1,033 करोड़ था
- यानी करीब 2% की गिरावट
- नेट प्रॉफिट ₹67 करोड़ से घटकर ₹43 करोड़ रह गया
- यह साल-दर-साल करीब 36% की गिरावट दिखाता है
ऑपरेटिंग लेवल पर भी मार्जिन दबाव में रहे। सितंबर 2024 में ऑपरेटिंग प्रॉफिट ₹121 करोड़ था, जो सितंबर 2025 में घटकर ₹94 करोड़ रह गया। OPM भी 12% से घटकर 9% हो गया।
बिज़नेस मिक्स पर नजर
Akums का बिज़नेस फिलहाल CDMO पर ही टिका हुआ है:
- CDMO से 79% रेवेन्यू
- डोमेस्टिक ब्रांडेड फॉर्म्युलेशंस से 12%
- APIs से 4.4%
- इंटरनेशनल ब्रांडेड और ट्रेड जेनरिक्स मिलाकर करीब 5% से कम
यह दिखाता है कि कंपनी का मुख्य फोकस अभी भी कॉन्ट्रैक्ट मैन्युफैक्चरिंग पर है।
Zambia प्रोजेक्ट से लॉन्ग-टर्म ट्रिगर
कंपनी Zambia में एक सरकारी JV के जरिए विस्तार कर रही है, जिसमें Akums की 51% हिस्सेदारी है। यह करीब US$45 मिलियन का प्रोजेक्ट है।
हालांकि Lusaka में लोकल मैन्युफैक्चरिंग CY2028 तक शुरू होने की उम्मीद है, लेकिन उससे पहले CY2026–27 में India-supplied tenders से करीब US$50 मिलियन का रेवेन्यू आने की संभावना है। इससे कंपनी को शॉर्ट-टर्म कैश फ्लो और लॉन्ग-टर्म इंटरनेशनल मौजूदगी दोनों मिल सकती हैं।
आखिर में निवेशक क्या समझें
इस bulk deal से एक बात साफ है। भले ही शॉर्ट-टर्म में फाइनेंशियल नंबर्स दबाव में हों, लेकिन ICICI Prudential MF जैसी बड़ी संस्था का निवेश यह दिखाता है कि कंपनी के लॉन्ग-टर्म CDMO बिज़नेस, स्केल और ग्लोबल एक्सपैंशन पर भरोसा कायम है।
ऐसे में Akums Drugs का यह अपडेट सिर्फ एक शेयर मूवमेंट नहीं, बल्कि फार्मा CDMO स्पेस में बदलते निवेश ट्रेंड्स की भी कहानी कहता है।
Disclaimer: ऊपर दिए गए विचार और सिफारिशें व्यक्तिगत विश्लेषकों या ब्रोकिंग कंपनियों की हैं, न कि "Finance Solo" की। याद रखें: यह जानकारी केवल शैक्षिक उद्देश्यों के लिए है, स्टॉक मार्केट जुआ नहीं, सही जानकारी और धैर्य से ही कमाई होती है| हमेशा खुद की रिसर्च करें य एक्सपर्ट की सलाह लें!













