Tata Motors का शेयर आज फिर चर्चा में है – क्योंकि कंपनी न सिर्फ़ नया शिखर छू रही है बल्कि अपने ही अलग हुए हिस्से TMPV को बाज़ार पूँजीकरण में पीछे भी छोड़ चुकी है। CV (Commercial Vehicles) वाले बिज़नेस की demand जोरों पर है और पूरा माहौल कंपनी के पक्ष में जाता दिख रहा है।

Tata Motors का ताज़ा धमाका
मंगलवार की ट्रेडिंग में Tata Motors का शेयर ₹371.20 के नए उच्च स्तर तक पहुँच गया। यह उछाल कंपनी के मजबूत बिज़नेस आउटलुक की वजह से आया है। दिलचस्प यह कि पिछले दो हफ़्तों में Tata Motors ने शानदार 17% बढ़त दर्ज की है, जबकि TMPV (Passenger Vehicles) लगातार दबाव में रहा और 3% गिर गया।
यानी जिस कंपनी को उसने कुछ ही दिन पहले “spin-off” किया था, उसी से आगे निकलकर Tata Motors आज निवेशकों का नया फेवरेट बनता दिख रहा है।
मार्केट कैप में Tata Motors ने TMPV को पछाड़ा
दोपहर 11:47 बजे तक Tata Motors का बाज़ार मूल्य ₹1.36 ट्रिलियन था, जबकि TMPV का मार्केट कैप ₹1.26 ट्रिलियन, यह पलटवार कंपनी की तेज़ी से बढ़ती मांग और investor confidence का साफ़ संकेत है।
क्यों चमक रहा है Tata Motors का CV बिज़नेस?
कहानी का सबसे बड़ा ट्विस्ट है कंपनी की Commercial Vehicles बिक्री। नवंबर महीने में Tata Motors ने YoY आधार पर धमाकेदार 28.6% उछाल दर्ज किया। बड़े ट्रक (HCV) और LMCV सेगमेंट में 34–35% तक की डबल-डिजिट ग्रोथ हुई। छोटे कमर्शियल वाहन (SCV) में भी 19% की बढ़त दिखी।
त्योहारों के बाद consumption demand पूरी तरह रफ्तार में है। बेहतरीन fleet utilization, बढ़ते freight rates और GST rationalisation ने पूरे CV segment में नई जान डाल दी है। Export भी 91.7% YoY बढ़े, यानी भारत से बाहर भी कंपनी की पकड़ मजबूत है।
Experts क्यों bullish हैं?
कई ब्रोकरेज Houses का मानना है कि CV segment अब एक नए growth cycle में प्रवेश कर चुका है। पिछले दो सालों की सुस्ती के बाद FY26 में यह सेक्टर तेज़ी से आगे बढ़ने की तैयारी में है। Analysts का कहना है कि GST कटौती ने entry-level demand को जबरदस्त boost दिया है।
कंपनी की Q2 presentation में भी मैनेजमेंट ने बताया कि GST rate reduction और बेहतर मानसून की वजह से H2 में strong demand दिखती रहेगी। Construction, mining और infrastructure के फिर से momentum में आने से tipper segment की बिक्री भी उठेगी।
FY26 में फोकस किस पर रहेगा?
Tata Motors ने साफ़ कहा है कि उनकी प्राथमिकता होगी। ट्रकों की ग्रोथ trajectory को बनाए रखना
MCV buses में share बढ़ाना, Q2 में मिले state tenders (Maharashtra, Gujarat, Telangana) पर execution शुरू करना
Ace Pro और Intra जैसे छोटे वाहनों की volume बढ़ाना, 2-अंकीय EBITDA margins और मजबूत cash flow बनाए रखना।
कंपनी के financials भी इस confidence को support करते हैं।
Q2 Financial Snapshot
| Metric | Q2 FY25 | Q2 FY26 | Growth |
|---|---|---|---|
| राजस्व | ₹4,930 करोड़ | ₹6,529 करोड़ | +32% |
| शुद्ध लाभ | ₹126 करोड़ | ₹237 करोड़ | +88% |
रेटिंग एजेंसी की राय
S&P Global Ratings ने Tata Motors को Stable Outlook दिया है। उनका मानना है कि भारत का मज़बूत आर्थिक माहौल और सरकार का infrastructure पर खर्च CV demand को लगातार support करेगा। Lower interest rates भी सेक्टर को फायदा देंगे।
वे यह भी मानते हैं कि Tata Motors अगले कई वर्षों तक positive free cash flow और low leverage बनाए रखेगा।
निष्कर्ष
कुल मिलाकर, मज़बूत CV demand, बढ़ता export, और लगातार improving fundamentals यह दिखाते हैं कि Tata Motors सिर्फ़ recovery नहीं कर रहा, बल्कि एक नए growth phase में प्रवेश कर चुका है। आने वाले महीनों में यह कंपनी auto sector की सबसे महत्वपूर्ण कहानियों में से एक बन सकती है।
Disclaimer: ऊपर दिए गए विचार और सिफारिशें व्यक्तिगत विश्लेषकों या ब्रोकिंग कंपनियों की हैं, न कि "Finance Solo" की। याद रखें: यह जानकारी केवल शैक्षिक उद्देश्यों के लिए है, स्टॉक मार्केट जुआ नहीं, सही जानकारी और धैर्य से ही कमाई होती है| हमेशा खुद की रिसर्च करें य एक्सपर्ट की सलाह लें!









